Aavesho ke gundharm

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इस पोस्ट में हम Aavesho ke gundharm | आवेशो के गुणधर्म के बारे में जानेंगे | Aavesho ke gundharm | आवेशो के गुणधर्म में हम विधुत आवेश की योज्यता, विधुत आवेश की निश्चरता, विधुत आवेश का संरक्षण, विधुत आवेश का क्वान्तिकरण भी पढ़ेंगे |

आवेशो के गुणधर्म

आवेश दो प्रकार के होते है

( 1 ) धनात्मक आवेश                            ( 2 ) ऋणात्मक आवेश

इन आवेशो के कुछ गुणधर्म है |

  1. विधुत आवेश की योज्यता = विधुत आवेश एक अदिश राशी है |किसी भी निकाय में कुल आवेश का मान धनात्मक व ऋणात्मक आवेश के तुल्य होता है |
  2. विधुत आवेश की निश्चरता = किसी वस्तु पर आवेश उसके वेग पर निर्भर नही करता चाहे वस्तु स्थिर हो अथवा वह आपेक्षिक वेग से गति क्र रहा हो उसका आवेश समान रहता है यह विधुत आवेश की निश्चरता कहलाता है अथार्थ विराम अवस्था में आवेश = गतिशील अवस्था में आवेश
  3. विधुत आवेश का संरक्षण  =  इस सिधांत के अनुसार आवेश को न तो उत्पन्न किया जा सकता है न ही नष्ट किया जा सकता है इसे केवल स्थानांतरण किया जा सकता है | इसे आवेश संरक्षण का सिधांत कहते है |
  4. विधुत आवेश का क्वान्तिकरण = किसी वस्तु पर आवेश का मान इलेक्ट्रान के आवेश का पूर्ण गुणज के रूप में विद्यमान होता है |

[ q = ± ne ]

n = ± 1,2,3,4………

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